देश का सबसे अहम आर्थिक दस्तावेज़ Union Budget 2026-27 अब औपचारिक रूप से एक कदम आगे बढ़ चुका है। केंद्रीय कैबिनेट ने बजट को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद इसे संसद में पेश किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।
यह बैठक बजट सत्र से ठीक पहले हुई, जिसमें प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सभी वरिष्ठ मंत्री शामिल रहे।
Union Budget में विकास की गति को बनाए रखने, राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने और उन सुधारों को शामिल करने के उपायों का अनावरण करने की उम्मीद है जो अमेरिकी टैरिफ़ सहित वैश्विक व्यापार घर्षण से अर्थव्यवस्था को बफर कर सकते हैं।
LIVE UPDATE 1: संसद में पेश होने की तैयारी
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब वित्त मंत्री जल्द ही लोकसभा में बजट पेश करेंगी। यह बजट देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
Finance Minister Nirmala Sitharaman आज (February 1, 2026). संसद में अपना नौवां बजट पेश करेंगी। भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया जा रहा है। बजट में विकास की गति को बनाए रखने, राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने और उन सुधारों को शामिल करने के उपायों का अनावरण करने की उम्मीद है जो अमेरिकी टैरिफ़ सहित वैश्विक व्यापार घर्षण से अर्थव्यवस्था को बफर कर सकते हैं।
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी द्वारा लिखित आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26। अनंत नागेश्वरन को गुरुवार (29 जनवरी, 2026) को सुश्री सीतारमण ने संसद में पेश किया। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सर्वेक्षण में सरकार के 7.4% की वृद्धि के अनुमान पर प्रकाश डाला गया और तीसरी तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर 2025) में वृद्धि के लिए इसका ‘नाउकास्ट‘ अनुमान 7% था। 2026-27 के लिए सर्वेक्षण में 6.8-7.2% की वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया है।
LIVE UPDATE 5: शिक्षा और स्वास्थ्य
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए:
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बजट में बढ़ोतरी
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नए प्रोजेक्ट
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सरकारी अस्पताल और स्कूलों के लिए सहायता









LIVE UPDATE 3: टैक्स सिस्टम में बदलाव संभव
Budget 2026-27 में इनकम टैक्स स्लैब, स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स रिटर्न सिस्टम को सरल बनाने पर ज़ोर दिए जाने की संभावना है।
The Finance Minister राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम, 2003 की धारा 3(1) के तहत अनिवार्य दो बयान भी प्रस्तुत करेंगे: मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति-सह-राजकोषीय नीति रणनीति वक्तव्य और मैक्रो-आर्थिक ढांचा वक्तव्य।
This will be Sitharaman’s ninth consecutive Union Budget.
भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक The Union Budget होता है। वर्ष 2026-27 के The Union Budget को लेकर देशभर में बड़ी उत्सुकता बनी हुई है। ताज़ा जानकारी के अनुसार Cabinet ने The Union Budget 2026-27 को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब इसे संसद में पेश किया जाएगा। इस बजट से देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स, उद्योग जगत, किसानों, युवाओं और निवेशकों को कई उम्मीदें हैं।
सरकार का कहना है कि The Union Budget 2026-27 भारत की आर्थिक विकास दर को और मजबूत बनाने पर केंद्रित होगा। साथ ही इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण योजनाओं को भी प्राथमिकता दी जा सकती है।

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Cabinet की बैठक में मिली The Union Budget को मंजूरी
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई Cabinet बैठक में The Union Budget 2026-27 को औपचारिक मंजूरी दी गई। यह प्रक्रिया हर साल बजट पेश होने से पहले पूरी की जाती है।
Cabinet की मंजूरी मिलने के बाद अब वित्त मंत्री संसद में The Union Budget पेश करेंगी। इस दौरान देशभर की निगाहें इस बात पर होंगी कि सरकार किन क्षेत्रों में खर्च बढ़ाती है और किन सेक्टरों को राहत देती है।
The Union Budget में टैक्सपेयर्स को मिल सकती है राहत
हर साल की तरह इस बार भी आम नागरिकों की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स में राहत को लेकर है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि The Union Budget 2026-27 में टैक्स स्लैब में बदलाव किया जा सकता है।
संभावना जताई जा रही है कि सरकार मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए टैक्स छूट की सीमा बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है तो करोड़ों लोगों की आय में सीधा फायदा देखने को मिलेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च संभव
देश की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए The Union Budget में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश किया जा सकता है। सरकार पहले से ही सड़कों, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
The Union Budget 2026-27 में नई हाईवे परियोजनाएं, रेलवे कॉरिडोर और लॉजिस्टिक पार्क की घोषणाएं की जा सकती हैं। इससे न सिर्फ देश की कनेक्टिविटी बेहतर होगी बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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किसानों के लिए नई योजनाएं
भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का बड़ा योगदान है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि The Union Budget में किसानों के लिए कई नई योजनाएं घोषित की जाएंगी।
सरकार फसल बीमा, कृषि तकनीक और सिंचाई परियोजनाओं पर अतिरिक्त फंडिंग दे सकती है। इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि सब्सिडी से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव संभव है।
युवाओं और रोजगार पर फोकस
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए The Union Budget 2026-27 में स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि The Union Budget में टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष पैकेज घोषित किया जा सकता है।
डिजिटल इंडिया और टेक्नोलॉजी निवेश
भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में The Union Budget में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया जा सकता है।
सरकार 5G नेटवर्क, डेटा सेंटर, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल सेवाओं पर निवेश बढ़ा सकती है। इससे देश की तकनीकी क्षमता और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी फायदा होगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा सेक्टर को भी मिल सकता है फायदा
कोविड महामारी के बाद सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रही है। इसलिए The Union Budget 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट आवंटन बढ़ने की संभावना है।
इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र में भी डिजिटल लर्निंग, नई यूनिवर्सिटी और रिसर्च फंडिंग को बढ़ावा देने की योजना बनाई जा सकती है।
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MSME सेक्टर के लिए राहत
देश की अर्थव्यवस्था में MSME सेक्टर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूत बनाने के लिए The Union Budget में कई राहत उपायों की घोषणा हो सकती है।
संभव है कि सरकार लोन स्कीम, टैक्स छूट और एक्सपोर्ट इंसेंटिव जैसी योजनाओं को और मजबूत करे।
शेयर बाजार की नजर भी The Union Budget पर
हर साल की तरह इस बार भी The Union Budget 2026-27 का असर शेयर बाजार पर देखने को मिल सकता है। निवेशक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि सरकार किन सेक्टरों को प्राथमिकता देती है।
अगर इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा मिलता है तो इन क्षेत्रों के शेयरों में तेजी देखी जा सकती है।
आम जनता पर क्या असर पड़ेगा
आम नागरिकों के लिए The Union Budget का सबसे बड़ा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। टैक्स, सब्सिडी, महंगाई और सरकारी योजनाओं में बदलाव सीधे लोगों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करते हैं।
अगर The Union Budget 2026-27 में टैक्स राहत, रोजगार योजनाएं और महंगाई नियंत्रण के कदम उठाए जाते हैं तो इसका सकारात्मक प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार The Union Budget को संतुलित और विकास उन्मुख होना चाहिए। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इस स्थिति को बनाए रखने के लिए मजबूत नीतियों की जरूरत है।
विशेषज्ञों के अनुसार The Union Budget 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, रोजगार सृजन और उद्योगों को बढ़ावा देना सबसे महत्वपूर्ण होगा।
भारत की आर्थिक दिशा तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज The Union Budget माना जाता है। वर्ष 2026-27 के The Union Budget को लेकर बड़ी खबर सामने आई है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) ने इसे औपचारिक मंजूरी दे दी है। अब जल्द ही वित्त मंत्री संसद में The Union Budget 2026-27 पेश करेंगी, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।
हर साल की तरह इस बार भी आम जनता, उद्योग जगत और निवेशकों को The Union Budget से कई उम्मीदें हैं। खासतौर पर टैक्सपेयर्स इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या सरकार आयकर (Income Tax) में कोई बड़ी राहत देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल क्लास को राहत देने के लिए टैक्स स्लैब में कुछ बदलाव संभव हैं।
इसके अलावा The Union Budget 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर बड़ा निवेश देखने को मिल सकता है। सरकार पहले से ही सड़कों, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। ऐसे में बजट में नई परियोजनाओं की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे देश की कनेक्टिविटी और रोजगार दोनों को फायदा मिल सकता है।
कृषि क्षेत्र भी The Union Budget का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। माना जा रहा है कि इस बार किसानों के लिए नई योजनाओं की घोषणा की जा सकती है। सरकार फसल बीमा, सिंचाई परियोजनाओं और कृषि तकनीक को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त बजट आवंटित कर सकती है।

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वहीं युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप सेक्टर को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा सकता है। डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए The Union Budget 2026-27 में टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स के लिए नई नीतियां आने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार The Union Budget का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिलता है। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि सरकार किन सेक्टरों को प्राथमिकता देती है और किन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाती है।
कुल मिलाकर The Union Budget 2026-27 देश की आर्थिक विकास यात्रा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Cabinet की मंजूरी के बाद अब सभी की नजर संसद में पेश होने वाले बजट पर है, जहां यह साफ होगा कि आने वाले साल में सरकार की आर्थिक रणनीति क्या रहने वाली है।
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रविवार 1 फ़रवरी को, Finance Minister Nirmala Sitharaman ने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में 12.2 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि का प्रस्ताव किया है।Union Budget me उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 2014-15 में 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 1.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। fince वर्ष 2026-27 में उन्होंने इस गति को जारी रखने के लिए इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा।Union Budget me









